अदानी पोर्ट्स का Q2 FY26 रिजल्ट: 29% प्रॉफिट जंप के साथ नया रिकॉर्ड, क्या कहती है यह ग्रोथ स्टोरी?

By-Kaushik. Dt.06/11/2025
नमस्कार दोस्तों ! स्वागत है मेरे यह ब्लॉग में , जहां हम बिजनेस की दुनिया कहानी साझा करते हैं। आज हम बात करेंगे अदानी पोर्ट की।अदानी पोर्ट ने 4 नवम्बर को अपने q 2 के FY 26 के रिजल्ट घोषित किए। क्या कमबैक है कंपनी का नेट प्रॉफिट 29% उपर चढ़ गया 3120 करोड़ तक।
फाइनेंशियल हाइलाइट्स: नंबर्स जो बोलते हैं जीत की भाषा
सबसे पहले तो आंकड़ों की बात। Q2 (जुलाई-सितंबर 2025) में रेवेन्यू पहुंच गया ₹9,167 करोड़ पर, जो पिछले साल के मुकाबले 30% ज्यादा है। EBITDA भी पीछे नहीं रहा – ₹5,550 करोड़, यानी 27% की ग्रोथ। और PAT? वो तो स्टार है – ₹3,120 करोड़, 29% ऊपर। H1 FY26 (पहले छह महीने) में तो रेवेन्यू ₹18,294 करोड़ हो गया, जो 25% YoY ग्रोथ दिखाता है।
मुझे लगता है, ये नंबर्स सिर्फ आंकड़े नहीं हैं; ये बताते हैं कि अदानी पोर्ट्स कैसे चुनौतियों के बीच भी रफ्तार पकड़ रही है। ग्लोबल ट्रेड में उतार-चढ़ाव के बावजूद, कंपनी ने अपना मार्केट शेयर बढ़ाया – अब 28.1% तक पहुंच गया है। कंटेनर सेगमेंट में तो 45.9% शेयर है, जो 150 बेसिस पॉइंट्स ऊपर है।
सेगमेंट-वाइज परफॉर्मेंस: हर कोना चमक रहा है
अदानी पोर्ट्स सिर्फ पोर्ट्स तक सीमित नहीं; ये एक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट जायंट है। आइए देखें कैसे हर सेगमेंट ने योगदान दिया:
डोमेस्टिक पोर्ट्स: यहां रेवेन्यू ₹6,351 करोड़ रहा Q2 में। H1 में EBITDA मार्जिन 74.2% – एवर हाई! मुंद्रा पोर्ट ने तो अवॉर्ड्स भी झटके, बेस्ट प्राइवेट सेक्टर पोर्ट और बेस्ट कंटेनर टर्मिनल का।
इंटरनेशनल पोर्ट्स: रेवेन्यू ₹1,077 करोड़, H1 में लाइफटाइम हाई ₹2,050 करोड़। EBITDA भी ₹466 करोड़ का रिकॉर्ड।
लॉजिस्टिक्स: वाह, 92% YoY ग्रोथ! H1 रेवेन्यू ₹2,224 करोड़, RoCE 9% तक पहुंचा (पिछले साल 6% था)।
मरीन सर्विसेज: सबसे तेज ग्रोथ – H1 में 213% ऊपर, रेवेन्यू ₹1,182 करोड़।
ऑपरेशनल साइड पर, कार्गो वॉल्यूम Q2 में 124 MMT पहुंचा, 12% YoY ग्रोथ। H1 में 244 MMT। रेल वॉल्यूम (TEUs) में 16% बढ़ोतरी। GPWIS थोड़ा डाउन रहा (-4% YoY), लेकिन ओवरऑल पिक्चर सॉलिड है।
ये सब देखकर लगता है जैसे कंपनी ने हर पहलू पर फोकस किया हो। लॉजिस्टिक्स और मरीन में ये ग्रोथ? ये तो बताती है कि अदानी सिर्फ लोड-अनलोड नहीं, पूरा सप्लाई चेन को रीशेप कर रही है।
फ्यूचर आउटलुक: 2030 तक 1 बिलियन टन का सपना
अब सवाल ये कि आगे क्या? कंपनी का विजन क्लियर है – 2030 तक 1 बिलियन टन थ्रूपुट। प्लान्स भी एक्शन में हैं: कोची में 70 एकड़ का लॉजिस्टिक्स पार्क (₹600 करोड़ इन्वेस्टमेंट), धामरा पोर्ट पर नए बर्थ्स (कैपेसिटी 92 MMT तक), ऑस्ट्रेलिया के NQXT पोर्ट का एक्विजिशन (50 MTPA, अप्रूवल पेंडिंग), और मरीन फ्लीट को 127 वेसल्स तक ले जाना। वेस्ट अफ्रीका में एक्सपैंशन भी ऑनकार्ड्स।
क्रेडिट रेटिंग्स में भी सुधार – फिच ने स्टेबल आउटलुक दिया, S&P ने पॉजिटिव। ये सब मिलकर बताते हैं कि इनवेस्टर्स का भरोसा बढ़ रहा है। लेकिन चुनौतियां? ग्लोबल इकोनॉमी, जियो-पॉलिटिकल रिस्क्स – इन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते। फिर भी, अदानी की एक्जीक्यूशन स्पीड देखकर लगता है, वो पार कर लेंगे।
अंत में: क्यों है ये रिजल्ट्स खास?
दोस्तों, अदानी पोर्ट्स का ये Q2 परफॉर्मेंस सिर्फ नंबर्स का खेल नहीं; ये भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर स्टोरी का एक चैप्टर है। जब दुनिया रिसेशन की बात कर रही हो, तब 30% रेवेन्यू ग्रोथ? ये तो इंस्पायरिंग है। अगर आप इनवेस्टर हैं, तो स्टॉक पर नजर रखें – या कमेंट्स में बताएं, क्या लगता है आपको?
अगर ये पोस्ट पसंद आया, कमेंट में अपने विचार रखे।अगली बार मिलते हैं किसी नई बिजनेस अपडेट के साथ। धन्यवाद!
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