इंफोसिस शेयर बायबैक 2025: 14 नवंबर रिकॉर्ड डेट, ₹1800 प्रति शेयर कीमत और निवेशकों के लिए टिप्स

By-Kayshik. Dt. 12/11/2025
अगर आप शेयर बाजार में रुचि रखते हो तो यह खबर आपके लिए खास है।Infosys ने 18000 करोड़ का बायबैक घोषित किया।14 नवंबर 2025 रिकॉर्ड डेट पर जानें कैसे योग्य हों, बायबैक प्रक्रिया और शेयरधारकों पर असर। निवेशकों के लिए लेटेस्ट अपडेट और सलाह।
नमस्ते दोस्तों! अगर आप शेयर मार्केट के शौकीन हैं, तो इंफोसिस का नाम सुनते ही आपका दिल धड़क उठता होगा। भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार इंफोसिस ने हाल ही में एक धमाकेदार घोषणा की है – ₹18,000 करोड़ का शेयर बायबैक! जी हां, आपने सही पढ़ा। 2025 के नवंबर महीने में यह खबर सुर्खियां बटोर रही है, और मैं आज आपको इसके हर पहलू से रूबरू कराने जा रहा हूं। एक आम निवेशक के नजरिए से, यह खबर न सिर्फ उत्साहजनक है, बल्कि थोड़ी सतर्कता भी मांगती है। चलिए, गहराई में उतरते हैं।
सबसे पहले, बायबैक का मतलब समझ लीजिए। जब कोई कंपनी अपने ही शेयरों को बाजार से वापस खरीदती है, तो यह शेयरधारकों के लिए एक तरह का बोनस होता है। इंफोसिस ने इस बार टेंडर ऑफर के जरिए यह प्रक्रिया शुरू की है। कुल 10 करोड़ इक्विटी शेयर (कंपनी की कुल इक्विटी का 2.41%) ₹1,800 प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे जाएंगे। यह कीमत बाजार मूल्य से थोड़ी ऊंची लग रही है, जो निवेशकों को आकर्षित कर रही है। लेकिन रुकिए, सबसे महत्वपूर्ण डेट है – 14 नवंबर 2025। यह रिकॉर्ड डेट है, यानी अगर आपके पास इस तारीख तक इंफोसिस के शेयर हैं, तो आप बायबैक के लिए योग्य होंगे।
अब सवाल यह है कि यह घोषणा क्यों आई?
इंफोसिस की कमाई मजबूत रही है, लेकिन शेयर प्राइस में हाल की गिरावट (घोषणा के बाद 1% से ज्यादा नीचे आ गया) ने कंपनी को यह कदम उठाने पर मजबूर किया। बोर्ड और शेयरधारकों ने इसे मंजूरी दे दी है, जो एक सकारात्मक संकेत है। मेरे जैसे कई निवेशकों को लगता है कि यह कंपनी की आत्मविश्वास को दर्शाता है। वैश्विक आईटी सेक्टर में चुनौतियां हैं – अमेरिकी अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI )का उदय – लेकिन इंफोसिस जैसे दिग्गज इनका सामना करने को तैयार हैं। बायबैक से कंपनी के शेयर कैपिटल में कमी आएगी, जिससे प्रति शेयर कमाई (EPS) बढ़ेगी और लंबे समय में शेयर वैल्यू मजबूत हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या करें?
अगर आप छोटे-मोटे शेयरहोल्डर हैं, तो बायबैक में हिस्सा लेना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि ₹1,800 की कीमत पर बेचना बाजार रेट से बेहतर डील लग रही है। लेकिन याद रखें, टेंडर ऑफर में सभी आवेदन स्वीकार नहीं होते; प्रो-राटा आधार पर एलोकेशन होता है। अगर आप लॉन्ग-टर्म होल्डर हैं, तो होल्ड करने का विकल्प चुनें – इंफोसिस की ग्रोथ स्टोरी अभी बाकी है। मैंने खुद अपने पोर्टफोलियो में इंफोसिस को रखा है, क्योंकि यह कंपनी न सिर्फ भारत की गौरव है, बल्कि ग्लोबल टेक वर्ल्ड में भी लीडर बनी हुई है।
एक छोटी सी चेतावनी:
मार्केट वोलेटाइल है। घोषणा के बाद शेयर प्राइस में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। SEBI के नियमों का पालन करें और किसी फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। कुल मिलाकर, यह बायबैक इंफोसिस के लिए एक स्मार्ट मूव है, जो निवेशकों को विश्वास दिलाता है कि कंपनी अपने मूल्य को समझती है।
दोस्तों, आपका क्या ख्याल है? क्या आप बायबैक में पार्टिसिपेट करेंगे या होल्ड करेंगे? कमेंट्स में बताएं! अगर यह पोस्ट पसंद आया, तो शेयर करें। अगली पोस्ट में मिलते हैं नई मार्केट अपडेट्स के साथ। धन्यवाद !
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