इनफोसिस शेयर बायबैक 2025: प्रमोटर्स बाहर, रिटेल निवेशकों की बल्ले-बल्ले!
October 24, 2025 1 min read By

इनफोसिस शेयर बायबैक 2025: प्रमोटर्स बाहर, रिटेल निवेशकों की बल्ले-बल्ले!

इनफोसिस का 18,000 करोड़ का रिकॉर्ड बायबैक! प्रमोटर्स क्यों नहीं बेच रहे शेयर? रिटेल निवेशकों के लिए फायदे, शेयर प्राइस पर असर ।
नमस्ते दोस्तों! अगर आप स्टॉक मार्केट के दीवाने हैं, तो आज का ये न्यूज आपके लिए किसी त्योहार से कम नहीं। कल ही सुना होगा – इनफोसिस, वो आईटी का बादशाह, ने अपना अब तक का सबसे बड़ा शेयर बायबैक प्लान अनाउंस किया है। 18,000 करोड़ रुपये का ये दांव! वाह रे कंपनी, क्या प्लानिंग है। लेकिन रुकिए, ट्विस्ट ये है कि प्रमोटर्स – जी हां, नारायण मूर्ति, नंदन नीलेकणि और सुधा मूर्ति जैसे बड़े नाम – इस बार बाहर रहने वाले हैं। क्यों? और ये रिटेल निवेशकों जैसे हम-आपके लिए क्या मतलब रखता है? चलिए, कॉफी का कप थामे, इसकी पूरी कहानी खोलते हैं। मैं हूं आपका दोस्त, सरल भाषा में बताता हूं, ताकि कोई कन्फ्यूजन न रहे।
सबसे पहले, शेयर बायबैक क्या बला है? सरल शब्दों में कहें तो ये कंपनी का अपना शेयर मार्केट से वापस खरीदना। जैसे आप अपना पुराना फोन बेचते हैं, लेकिन कंपनी इसे रिवर्स करती है – अपने शेयर खरीदकर कैशबैक देती है शेयरधारकों को। फायदा? कंपनी के शेयर कम हो जाते हैं, तो बाकी शेयरों की वैल्यू बढ़ जाती है। प्रॉफिट ज्यादा लगे, तो EPS (अर्निंग्स पर शेयर) ऊपर चढ़ता है। इनफोसिस के केस में, ये बायबैक 11 सितंबर 2025 को बोर्ड ने अप्रूव किया, और अब ड्राफ्ट ऑफर फाइल हो गया है। कुल 10 करोड़ शेयर (कुल इक्विटी का 2.41%) वापस खरीदे जाएंगे, प्राइस फिक्स्ड है – 1,800 रुपये प्रति शेयर। वर्तमान मार्केट प्राइस करीब 1,472 रुपये है, यानी 18-20% प्रीमियम! अगर आपके पास शेयर हैं, तो ये सोने की खान जैसा लग रहा होगा ना?
अब आते हैं उस ट्विस्ट पर। प्रमोटर्स, जो कंपनी के 13% शेयर होल्ड करते हैं, इस बार तौलिया नहीं फेंक रहे। क्यों? टैक्स का चक्कर है भाई। नई टैक्स पॉलिसी के मुताबिक, बायबैक पर 20% TDS लगेगा, जो प्रमोटर्स के लिए महंगा पड़ रहा। नंदन नीलेकणि ने कहा, “हम लॉन्ग-टर्म होल्डर्स हैं, कंपनी में भरोसा है।” सुधा मूर्ति जी ने भी यही स्टैंड लिया। ये सुनकर शेयर प्राइस 5% उछल गया! क्यों अच्छा है ये रिटेल के लिए? सिंपल – प्रमोटर्स के बाहर रहने से आपकी एक्सेप्टेंस रेशियो बढ़ जाएगी। मतलब, ज्यादा शेयर स्वीकार होंगे। म्यूचुअल फंड्स और छोटे निवेशकों को फायदा। रिकॉर्ड डेट जल्द अनाउंस होगी, तो अलर्ट रहिए।
दोस्तों, इनफोसिस की ये मूव मार्केट को बूस्ट देगी। कंपनी का फाइनेंशियल हेल्थ सॉलिड है – Q2 रिजल्ट्स में रेवेन्यू ग्रोथ 4%, डील विनिंग रिकॉर्ड। AI और क्लाउड पर फोकस से फ्यूचर ब्राइट। लेकिन सलाह? अगर आप लॉन्ग-टर्म होल्डर हैं, तो होल्ड करो। बायबैक प्रीमियम अच्छा है, लेकिन टैक्स TDS कटेगा। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स बेच सकते हैं प्रॉफिट बुक करने। हमेशा अपनी रिस्क अपेटाइट देखो, और फाइनेंशियल एडवाइजर से बात करो।
अंत में, ये बायबैक इनफोसिस की कॉन्फिडेंस दिखाता है। प्रमोटर्स का बाहर रहना सिग्नल है – कंपनी मजबूत है, ग्रोथ आएगी। आप क्या सोचते हैं? कमेंट्स में बताइए, शेयर बेचेंगे या होल्ड? अगली पोस्ट में और डिटेल्स लाऊंगा। सबको गुड लक, और निवेश में स्मार्ट रहो!

DISCLAIMER: यह वेबसाइट केवल समान्य जानकारी के लिए है।इस में दी गई जानकारी निवेश कि सलाह ना समझे। बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता हैं , इसलिए निवेश से पहले अपने financial adviser की सलाह जरूर ले। हम जानकारी की पूर्णता और सटीकता गारंटी नहीं देते। निवेश करते समय समझदारी और सतर्कता का प्रयोग करें।

Related Articles

Union Budget 2026: Market Reaction and Key Takeaways

Union Budget 2026: Market Reaction and Key Takeaways

01, February 2026. By -Kaushik Today, February 1, 2026, Finance…

Wipro Q4 FY26 Results: Mixed Performance as Profit Slips Despite Revenue Growth

Wipro Q4 FY26 Results: Mixed Performance as Profit Slips Despite Revenue Growth

By Kaushik Brahmakshatriya Published On 20 April 2026. Wipro Q4…