सोने की कीमत क्यों बढ़ रही है? 2025 में सोने के दाम चढ़ने के मुख्य कारण

By-Kaushik. Dt .19/10/2025
कल मार्केट में गया और सोने की कीमत जानकार सर चकरा गया,जो सोना 10 gm 50000 के आसपास था वो आज 70000 को पार। 2025 का ये साल सोने के लिए रॉकेट लॉन्च जैसा हो गया हैं।गोल्ड की प्राइस क्यों इतनी बढ़ रही है?क्या ये इंडिया के त्योहारों की डिमांड है या ग्लोबल फैक्टर का कमाल है?गोल्ड की कीमत क्यों बढ रही हैं इसका प्रमुख कारण इस ब्लॉग में चर्चा करेंगे।
सोने की कीमत बढ़ ने के प्रमुख कारण
Reason 1. जियोपॉलिटिकल तनाव और सेफ-हेवन डिमांड
सबसे बड़ा कारण? दुनिया भर में तनाव! US-चाइना ट्रेड वॉर फिर से गरम हो गया है। प्रेसिडेंट ट्रंप के पोर्ट फीस वाले बयानों से चाइना ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी।ऊपर से मिडिल ईस्ट और यूक्रेन जैसे कॉन्फ्लिक्ट्स – लोग सोचते हैं, “अब तो पैसे कहां रखें?” सोना तो सेफ-हेवन एसेट है ना! जब स्टॉक्स गिरते हैं, गोल्ड चमकता है। 2025 में ये फैक्टर इतना स्ट्रॉन्ग है कि प्राइस $4,000 के पार पहुंच गई।मेरी एक फ्रेंड ने कहा, “भाई, सोना ही तो वो दोस्त है जो मुश्किल वक्त में साथ नहीं छोड़ता।”
Reason 2. फेडरल रिजर्व के रेट कट्स की उम्मीदें
अमेरिकी सेंट्रल बैंक (फेड) रेट्स काटने की तैयारी में है। स्लो जॉब मार्केट और जेरोम पॉवेल के डोविश कमेंट्स से 98% चांस है कि अक्टूबर में 25 बेसिस पॉइंट्स कट हो। लो इंटरेस्ट रेट्स का मतलब? डॉलर कमजोर होता है, और गोल्ड सस्ता हो जाता है खरीदने वालों के लिए। लेकिन इरादतन, ये प्राइस बूस्ट करता है। 2025 में ये ट्रेंड इतना पावरफुल है कि गोल्ड 60% ऊपर चढ़ा। सोचिए, अगर ब्याज दरें गिरेंगी, तो सेविंग्स अकाउंट में क्या फायदा? बेहतर है गोल्ड में पार्क करें!
Reason 3. डॉलर की कमजोरी और डी-डॉलरीकरण
अमेरिकी डॉलर की वैल्यू गिर रही है। हाई डेब्ट, डेफिसिट और डीग्लोबलाइजेशन फियर्स से सेंट्रल बैंक डॉलर से दूर हो रहे हैं।चाइना, रूस जैसे देश गोल्ड स्टॉक कर रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, 2025 में सेंट्रल बैंक बायिंग रिकॉर्ड 4,850 टन तक पहुंच सकती है। ये डी-डॉलर ट्रेंड सोने को ‘हार्ड एसेट’ के रूप में चमका रहा है। इंडिया में भी RBI गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहा है – हमारा सोना सेफ!
Reason 4. इन्फ्लेशन की आशंका और टैरिफ्स का डर
इन्फ्लेशन अभी भी 2% टारगेट से ऊपर है, और US टैरिफ्स से और बढ़ सकता है। गोल्ड इन्फ्लेशन हेज है – इसका वैल्यू टाइम के साथ बढ़ता रहता है। 2025 में ग्लोबल इकोनॉमी अनिश्चित है, US गवर्नमेंट शटडाउन की अफवाहें चल रही हैं। लोग सोचते हैं, “पैसे की वैल्यू घटेगी, तो गोल्ड क्यों न खरीदें?” मेरे चाचा जी ने तो पूरा PF गोल्ड ETF में शिफ्ट कर दिया!
Reason 5. सेंट्रल बैंक और ETF की रिकॉर्ड खरीदारी
सेंट्रल बैंक खरीदारी 2022 से चिपकी हुई है (रूस-यूक्रेन वॉर के बाद)। ऊपर से गोल्ड ETF में $34 बिलियन इनफ्लो आया है पिछले 10 हफ्तों में।9एशिया में फिजिकल डिमांड भी 21% ऊपर – पर्थ मिंट की सेल्स रिकॉर्ड! दिवाली से पहले इंडिया में भी ज्वेलरी डिमांड पीक पर है, लेकिन ग्लोबल फैक्टर ज्यादा इम्पैक्टफुल।
Reason 6. स्टॉक मार्केट की वोलेटिलिटी और बबल फियर्स
स्टॉक्स में AI बबल का डर! मैगा-कैप टेक स्टॉक्स (जैसे निफ्टी 50 का इंडियन वर्जन) टॉप-हेवी हैं, डॉट-कॉम बबल जैसा।गोल्ड का स्टॉक्स से कम कोरिलेशन है, तो हेज के लिए परफेक्ट। 2025 में मार्केट वोलेटाइल है, लोग गोल्ड की तरफ रुख कर रहे।
Reason 7. रिटेल और फिजिकल डिमांड का उछाल
एशिया (चाइना, इंडिया) में ज्वेलरी और बार्स की डिमांड रिकॉर्ड। त्योहारों का सीजन है, लेकिन ग्लोबल ट्रेंड इसे बूस्ट कर रहा।हाल ही में थोड़ी क्रैश आई (डॉलर स्ट्रॉन्ग होने से), लेकिन ओवरऑल ट्रेंड अप!
क्या होगा आगे? एक्सपर्ट्स कहते हैं, अगर फेड कट्स कंटिन्यू होंगे, तो $4,500 तक जा सकता है। लेकिन रिस्क भी है – अगर इकोनॉमी रिकवर हो गई, तो प्राइस कorrect हो सकती। मेरा सजेशन: SIP in गोल्ड ETF शुरू करें, फिजिकल सोना त्योहारों के लिए। डाइवर्सिफाई रखें!
दोस्तों, सोना न सिर्फ मेटल है, बल्कि हमारी कल्चर का हिस्सा। लेकिन स्मार्टली इन्वेस्ट करें। कमेंट्स में बताएं, आपका क्या प्लान है? शेयर करें, कमेंट में अपने विचार रखे। धन्यवाद!
Disclaimer: Financial Investment करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें।