Suzlon Energy शेयर नवीनतम अपडेट:ब्रोकरेज हाउस की राय।

09, December 2025. By -Kaushik
Suzlon Energy Ltd कंपनी हमारे देश की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है, जो 1995 में तुलसी तंती द्वारा स्थापित की गई थी। गुजरात के एक छोटे से टेक्सटाइल व्यवसायी तुलसी तंती ने बिजली की बढ़ती लागत और अनियमित आपूर्ति से परेशान होकर हवा ऊर्जा की ओर रुख किया। उन्होंने दो विंड टरबाइन लगवाने के बाद महसूस किया कि यह टेक्सटाइल से भी बेहतर व्यवसाय है। पुणे मुख्यालय वाली यह कंपनी विंड टरबाइन जेनरेटर (WTG) का डिजाइन, निर्माण, स्थापना और रखरखाव करती है। सुजलॉन ने एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका सहित 17 देशों में 21.3 गीगावाट से अधिक विंड एनर्जी क्षमता स्थापित की है। यह कंपनी पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक विकास और टिकाऊ विकास पर जोर देती है। वर्तमान में, यह 4.5 गीगावाट की घरेलू निर्माण क्षमता के साथ भारत की सबसे बड़ी विंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। सुजलॉन का SCADA सिस्टम 10,000 से अधिक टरबाइनों की रिमोट मॉनिटरिंग करता है, जो बिजली उत्पादन की विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है। कंपनी का विजन 2047 तक भारत की 1,600 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में योगदान देना है।
Q2 परिणाम: रिकॉर्ड लाभ में उछाल
सुजलॉन एनर्जी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 539% सालाना बढ़कर 1,279 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले 30 वर्षों का सर्वोच्च स्तर है। राजस्व 85% उछलकर 3,866 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जो WTG सेगमेंट में मजबूत डिलीवरी और उच्च बिक्री से संचालित हुआ। EBITDA 145% बढ़कर 721 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें मार्जिन 18.6% पर पहुंचा। कंपनी ने 565 मेगावाट की डिलीवरी की, जो Q2 के लिए अब तक का उच्चतम है। ऑर्डर बुक 6.2 गीगावाट पर पहुंच गई, जिसमें H1 FY26 में 2 गीगावाट से अधिक जोड़े गए। नेट कैश बैलेंस 1,480 करोड़ रुपये रहा। CEO जेपी चालासनी ने कहा, “यह उच्चतम Q2 डिलीवरी मजबूत रणनीति और निष्पादन को दर्शाती है।” डिफर्ड टैक्स एसेट्स के 717 करोड़ रुपये के मान्यता से लाभ बढ़ा। FY26 में 6 गीगावाट और FY27 में 8 गीगावाट इंस्टॉलेशन का लक्ष्य है। यह प्रदर्शन कंपनी की वित्तीय मजबूती और बाजार नेतृत्व को रेखांकित करता है।
ब्रोकरेज रेटिंग: सकारात्मक दृष्टिकोण
सुजलॉन के शेयरों पर ब्रोकरेज फर्मों की राय सकारात्मक है, जो लंबी अवधि के विकास की संभावनाओं पर आधारित है। दिसंबर 2025 तक, शेयर मूल्य लगभग 52 रुपये पर कारोबार कर रहा है, जो 52-सप्ताह उच्च 74.30 रुपये से 30% नीचे है। मोटिलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) ने ‘बाय’ रेटिंग दी और 74 रुपये का लक्ष्य मूल्य रखा, जो 43% ऊपरी संभावना दर्शाता है। यह FY28 अनुमानित आय पर 30 गुना P/E मल्टीपल पर आधारित है। ICICI सिक्योरिटीज ने भी ‘बाय’ सुझाव दिया, लक्ष्य 76 रुपये। ब्रोकरों का मानना है कि सुजलॉन की 23 गीगावाट संभावित विंड साइट्स पर भूमि अधिग्रहण रणनीति बड़े जनरेशन कंपनियों के साथ साझेदारी मजबूत करेगी। कंपनी का मजबूत पाइपलाइन, निर्यात तैयारी और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स पर फोकस मूल्य सृजन करेगा। हाल के मैन्युफैक्चरिंग डे पर चर्चाओं में वाइस चेयरमैन गिरीश तंती ने टिकाऊ विकास पर जोर दिया। हालांकि, शेयर में पिछले एक माह में 10% गिरावट आई, लेकिन विश्लेषकों को 50% तक ऊपरी क्षमता दिख रही है।
निष्कर्ष: भविष्य की संभावनाएं
सुजलॉन एनर्जी नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत का प्रतीक बन चुकी है। Q2 के रिकॉर्ड परिणाम और ब्रोकरेज की सकारात्मक रेटिंग से स्पष्ट है कि कंपनी मजबूत ट्रैक पर है। 122 गीगावाट विंड क्षमता का FY32 लक्ष्य, C&I सेक्टर में 100 गीगावाट मांग और बैटरी स्टोरेज निवेश विकास को गति देंगे। चुनौतियां जैसे ग्रिड इंटीग्रेशन बनी रहेंगी, लेकिन 100 करोड़ रुपये त्रैमासिक निवेश से समाधान होगा। निवेशकों के लिए, यह ‘होल्ड’ या ‘बाय’ का समय है, क्योंकि भारत की हरित क्रांति में सुजलॉन की भूमिका अपरिहार्य है। कंपनी का सफर टेक्सटाइल से वैश्विक विंड लीडर तक प्रेरणादायक है। भविष्य में, सुजलॉन न केवल लाभ कमाएगी, बल्कि पर्यावरण को भी हरा-भरा बनाएगी।
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