पैसे बचाने के 10 आसान तरीके – जो आज से ही शुरू कर सकते हैं!
November 9, 2025 1 min read By

पैसे बचाने के 10 आसान तरीके – जो आज से ही शुरू कर सकते हैं!

By-Kaushik. Dt 09/11/2025

नमस्ते दोस्तों !

क्या आपने कभी महसूस किया है , कि पूरी मेहनत से कमाई करने के बाद भी, महीने के आखिर में हाथ खली के खाली लगते है। बैंक बैलेंस देखकर सोचते हो के सारा पैसा कहा चला गया।आप अकेले नहीं ,हर दूसरे युवा, और हर फैमिली की यह समस्या है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि पैसे बचाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। इसमें बस थोड़ी सजगता और अनुशासन की जरूरत होती है।

चलिए, आज मैं आपके साथ कुछ ऐसे ही आसान और जमीनी तरीके साझा करता हूँ, जिन्हें अपनाकर आप अपने पैसे को मनचाही दिशा दे सकते हैं।

  1. “बजट” बनाना सीखें – यह कोई बोरिंग चीज नहीं है!

बजट शब्द सुनकर लोग अक्सर मुंह बनाते हैं, लेकिन यही तो आपकी फाइनेंशियल लाइफ की सबसे अच्छी दोस्त है। इसके लिए आप “50-30-20 का नियम” आजमा सकते हैं।

· 50%: अपनी आय का यह हिस्सा जरूरतों पर खर्च करें (किराया, बिजली-पानी, राशन)।
· 30%: यह हिस्सा अपनी चाहतों के लिए (मूवी, खाना-पीना, शॉपिंग)।
· 20%: इसे तुरंत बचत के लिए अलग रख दें। इसे छूना ही नहीं है!

  1. “छोटी-छोटी बचत” का जादू समझें

कहते हैं न, बूंद-बूंद से सागर भरता है। रोज के 50-100 रुपये की बचत भी साल के अंत में हजारों रुपये बना सकती है। चाय-समोसे के पैसे, अनजाने में हुई ऑनलाइन शॉपिंग… इनपर नजर रखें।

  1. घर का खाना – सेहत और बचत दोनों का राज़

बाहर का खाना या ऑनलाइन फूड ऑर्डर महंगा पड़ सकता है। कोशिश करें कि ज्यादातर दिन घर का बना ताजा और पौष्टिक खाना ही खाएं। इससे पैसे तो बचेंगे ही, सेहत भी अच्छी रहेगी।

  1. खरीदारी से पहले “वांट्स” और “नीड्स” में फर्क करें

यह सबसे जरूरी स्टेप है। खरीदारी करने से पहले खुद से सवाल करें: “क्या मुझे इस चीज की सच में जरूरत है या सिर्फ दिल चाह रहा है?” जरूरत की चीजें प्राथमिकता दें, चाहत की चीजों के लिए थोड़ा इंतजार करें।

  1. कैशलेस का चक्कर, पैसे को कर देता है फनी!

डेबिट/क्रेडिट कार्ड या UPI से पेमेंट करते समय पैसे का एहसास कम होता है और खर्च बढ़ जाते हैं। एक तरीका यह है कि हफ्ते के लिए एक निश्चित रकम नकद निकाल लें और उसी में गुजारा करें।

  1. EMI के जाल में न फंसें

क्रेडिट कार्ड की EMI और लोन आपको आसान लगते हैं, लेकिन ये लंबे समय में आपको महंगे पड़ सकते हैं। जब तक बहुत जरूरी न हो, EMI से दूर ही रहें।

  1. बचत को “ऑटोमेटिक” कर दें

सबसे आसान तरीका! बैंक में एक ऑटो-डेबिट स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन सेट कर दें, जो आपके सैलरी आते ही एक तय रकम सीधे आपकी बचत या FD में डाल दे। “पहले खुद को पे करें” का यही मतलब है।

  1. बिजली-पानी के बिलों को कम करें

बिना वजह जलते बल्ब और पंखे बंद करें, ज्यादा पानी बहने न दें। ये छोटी-छोटी बातें आपके बिलों को कम करके सालाना हजारों रुपये बचा सकती हैं।

  1. अपने कर्ज को प्राथमिकता दें

अगर आप पर कोई कर्ज है (जैसे क्रेडिट कार्ड का बिल या लोन), तो उसे चुकाना आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। ब्याज की वजह से कर्ज बढ़ता ही जाता है।

  1. फालतू की सदस्यताएं (Subscriptions) रद्द करें

उन ऐप्स और सब्सक्रिप्शन्स की लिस्ट बनाएं जिनका आप इस्तेमाल नहीं कर रहे (जैसे OTT प्लेटफॉर्म, म्यूजिक ऐप आदि)। उन्हें तुरंत कैंसल कर दें।


अंतिम बात:

पैसे बचाना एक आदत है, रातों-रात होने वाला कोई जादू नहीं। छोटी शुरुआत करें, खुद पर भरोसा रखें और लगातार बने रहें। एक साल बाद जब आप अपनी बचत को देखेंगे, तो आपको अपनी इस छोटी सी कोशिश पर गर्व होगा।

आपके पास कोई और बढ़िया तरीका है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

DISCLAIMER: यह वेबसाइट केवल समान्य जानकारी के लिए है।इस में दी गई जानकारी को निवेश सलाह ना समझे। बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता हैं , इसलिए निवेश से पहले अपने financial adviser की सलाह जरूर ले। हम जानकारी की पूर्णता और सटीकता गारंटी नहीं देते। निवेश करते समय समझदारी और सतर्कता का प्रयोग करें।

Related Articles

Bharat Coking Coal (BCCL) IPO: Dates, Price Band, GMP, and Expert Review

Bharat Coking Coal (BCCL) IPO: Dates, Price Band, GMP, and Expert Review

05, January 2026. By -Kaushik The Indian stock market is…

Shadowfax Technologies IPO: Price Band, Key Dates, and Financial Highlights for Investors

Shadowfax Technologies IPO: Price Band, Key Dates, and Financial Highlights for Investors

15, January 2026. By -Kaushik Shadowfax Technologies, the Flipkart-backed logistics…

इनफोसिस शेयर बायबैक 2025: प्रमोटर्स बाहर, रिटेल निवेशकों की बल्ले-बल्ले!

इनफोसिस शेयर बायबैक 2025: प्रमोटर्स बाहर, रिटेल निवेशकों की बल्ले-बल्ले!

इनफोसिस का 18,000 करोड़ का रिकॉर्ड बायबैक! प्रमोटर्स क्यों नहीं…