HDFC बैंक Result Q2 FY26: मुख्य हाइलाइट्स

By-Kaushik. Dt 19/10/2025
नमस्ते दोस्तों ! अगर आप HDFC बैंक शेयर के शेयरहोल्डर या मार्केट में रुचि रखते हो तो ये ब्लॉग आपके लिए है।अभी Q 2 Redult FY 26 सभी co के Redult आ रहे है,आज मार्केट की दिग्गज co HDFC BANK के Q 2 FY 26 आए है। HDFC Bank ने अपने Q2 result Fy 26 ( q 2 जुलाई से सितम्बर) जारी किया हैं।HDFC बैंक NET प्रॉफिट में 11% की शानदार वृद्धि हुईं हैं पर NIM (NET INTEREST MARGIN) मे थोड़ी सी गिरावट हुई है।
HDFC बैंक Q2 FY26: मुख्य हाइलाइट्स जो आपको चौंका देंगे
HDFC बैंक, भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक, ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बाजार में लीडर क्यों है। लेकिन आंकड़े देखिए तो ग्रोथ की कहानी कहीं मजबूत तो कहीं चुनौतीपूर्ण लगती है। यहां हैं टॉप हाइलाइट्स:
नेट प्रॉफिट में 11% की जबरदस्त छलांग: स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पहुंच गया ₹18,641 करोड़ पर, जो पिछले साल के समान क्वार्टर से 10.8% ज्यादा है। अगर आप सोच रहे हैं कि यह कैसे संभव हुआ, तो क्रेडिट जाता है हायर इनकम और बेहतर एसेट क्वालिटी को। यह आंकड़ा एनालिस्ट्स के अनुमानों से भी बेहतर था, जिससे शेयर प्राइस में आज सुबह ही 2% की उछाल देखने को मिली।
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 5% ग्रोथ: बैंक का कोर बिजनेस NII ही तो है! यह ₹31,550 करोड़ पर पहुंचा, जो YoY 4.8% ऊपर है। लेकिन NIM 3.27% पर आ गया, जो पिछले क्वार्टर के 3.35% से कम है। वजह? एडवांस रीप्राइसिंग तेज हुई, लेकिन डिपॉजिट कॉस्ट बढ़ गई। फिर भी, यह ग्रोथ सेक्टर के औसत से बेहतर है।
डिपॉजिट्स: ग्रोथ का इंजन चालू! एवरेज डिपॉजिट्स ₹27.10 लाख करोड़ हो गए, YoY 15.1% की तेजी के साथ। एंड-ऑफ-पीरियड (EOP) डिपॉजिट्स ₹28.02 लाख करोड़ पर, 12.1% ऊपर। CASA (करंट एंड सेविंग्स अकाउंट) डिपॉजिट्स में 8.5% ग्रोथ देखी गई, जो लो-कॉस्ट फंडिंग के लिए अच्छा संकेत है। बैंक ने मार्केट शेयर गेन किया है – खासकर रिटेल और SME सेगमेंट में।
एडवांस बुक: संतुलित बढ़त: एवरेज एडवांस ₹27.94 लाख करोड़, YoY 9.0% ऊपर। ग्रॉस एडवांस ₹27.69 लाख करोड़ पर 9.9% ग्रोथ। रिटेल लोन 7.4% बढ़े, कॉर्पोरेट और होलसेल 6.4%, जबकि SME लेंडिंग में 17% की धमाकेदार ग्रोथ! यह दिखाता है कि बैंक रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस्ड है।
एसेट क्वालिटी: सुधार की हवा चली: ग्रॉस NPA रेशियो 1.24% पर आ गया (पिछले साल 1.36% से बेहतर), एग्रीकल्चरल सेगमेंट एक्सक्लूड करने पर तो सिर्फ 0.99%! नेट NPA 0.42% है। प्रोविजनिंग स्मार्टली की गई, जिससे बैड लोन का बोझ कम हुआ। रिकवरी मेजर्स ने कमाल कर दिया।
ये आंकड़े बताते हैं कि HDFC बैंक ने पोस्ट-मर्जर (HDFC Ltd के साथ) के बाद स्थिरता हासिल कर ली है। लेकिन QoQ देखें तो डिपॉजिट्स में सिर्फ 2% ग्रोथ हुई, जो स्लो डाउन का संकेत हो सकता है।
विश्लेषण: मजबूतियां और चुनौतियां – क्या HDFC अभी भी सेफ बेट है?
दोस्तों, रिजल्ट्स पढ़कर लगता है जैसे HDFC बैंक एक मजबूत एथलीट है – स्पीड तो है, लेकिन थोड़ी स्टैमिना की जरूरत। स्ट्रेंग्थ? डिपॉजिट मोबिलाइजेशन और कस्टमर एंगेजमेंट। बैंक ने Q2 में 0.8 मिलियन नए कस्टमर्स ऐड किए, और डिजिटल चैनल्स से 13% YoY लोन बुक ग्रोथ (₹1,114 बिलियन) देखी। रिटेल और SME पर फोकस से डाइवर्सिफिकेशन मजबूत हुआ।
लेकिन चैलेंजेस? NIM का सिकुड़ना सबसे बड़ा। हाईर डिपॉजिट कॉस्ट और स्लो लोन ग्रोथ ने मार्जिन दबाया। क्रेडिट अंडरराइटिंग प्रूडेंट है, लेकिन कॉर्पोरेट सेगमेंट में स्लोडाउन (क्योंकि इकोनॉमी में इनवेस्टमेंट साइकिल धीमी है) चिंता का विषय। प्लस, RBI की सख्त रेगुलेटरी स्क्रूटनी – जैसे SLR और CRR – बैंकिंग सेक्टर को प्रेशर में रख रही है।
पीयर्स से कंपेयर करें तो ICICI बैंक ने भी मजबूत रिजल्ट्स दिखाए (नेट प्रॉफिट 15% ऊपर), लेकिन HDFC का स्केल बड़ा है। एनालिस्ट्स कहते हैं कि FY26 के लिए 12-15% प्रॉफिट ग्रोथ एक्सपेक्टेड है, अगर इंटरेस्ट रेट्स स्टेबल रहें। शेयर प्राइस ₹1,650 के आसपास ट्रेड कर रहा है – क्या यह डिप बाय है? मेरी राय: लॉन्ग टर्म के लिए हां, लेकिन शॉर्ट टर्म में वोलेटाइल रह सकता है।
मैनेजमेंट की कमेंट्स से साफ है कि वे डिपॉजिट मार्केट शेयर गेन पर फोकस्ड हैं। CEO ने कहा, “ग्रोथ सभी सेगमेंट्स में पिक अप हो रही है, और हम डिसिप्लाइंड अप्रोच से आगे बढ़ रहे हैं।” फ्यूचर आउटलुक पॉजिटिव – डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और रूरल एक्सपैंशन से नई ग्रोथ मिलेगी।
निवेशकों के लिए टिप्स: आगे क्या?
अगर आप HDFC के शेयर खरीदने की सोच रहे हैं, तो डाइवर्सिफाई करें। बैंकिंग ETF या म्यूचुअल फंड्स बेहतर ऑप्शन हो सकते हैं। ट्रैक करें अगले क्वार्टर के रिजल्ट्स – खासकर NIM रिकवरी को। और हां, इकोनॉमी न्यूज पर नजर रखें, क्योंकि ग्लोबल टेंशन्स (जैसे US रेट कट्स) यहां असर डाल सकते हैं।
निष्कर्ष: HDFC की यात्रा जारी, विश्वास बनाए रखें
कुल मिलाकर, Q2 FY26 रिजल्ट्स HDFC बैंक के रेजिलिएंस को दिखाते हैं। मुनाफा बढ़ा, एसेट क्वालिटी बेहतर हुई, और डिपॉजिट ग्रोथ ने भरोसा जगाया। हां, चुनौतियां हैं, लेकिन यह बैंक इतिहास में हमेशा उनसे पार पाया है। दोस्तों, आपका क्या ख्याल है? कमेंट्स में बताएं – क्या आप HDFC में इनवेस्टेड हैं? अगर यह पोस्ट पसंद आया, तो शेयर करे और कमेंट में अपनी राय दे।अगले अपडेट के लिए बने रहें!
DISCLAiMER: FINANCIAL इन्वेस्टमेंट करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें।